सेना और राजनैतिक समझ

देश की आज़ादी के बाद से ही जिस तरह से महत्वपूर्ण मामलों में सेना की तरफ से सीधे बयान देने के अतिरिक्त किसी अन्य मसले पर कुछ भी बोलने पर के तरह से अघोषित रूप से राजनैतिक समझ बनी हुई थी और उस पर सरकार के साथ विपक्षी दल भी सहमत ही रहा करते थे अब उस स्थिति में व्यापक बदलाव दिखाई दे रहा है जिसके चलते सेना को जहाँ विभिन्न मुद्दों पर बोलने की छूट मिली है वहीं उस पर विपक्षी दलों की तरफ से राजनैतिक हमलों में भी…

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सर्जिकल स्ट्राइक और संसद

सर्जिकल स्ट्राइक के बाद से ही जिस तरह से देश में माहौल बना हुआ है उसके बारे में कहीं न कहीं से सरकार की संवेदनशीलता में कमी ही दिखाई दे रही है क्योंकि इतने सफल और महत्वपूर्ण प्रयास के बाद जिस तरह से देश में छिछले स्तर की राजनीति शुरू हुई उसकी कोई आवश्यकता भी नहीं थी पर संभवतः हमारा लोकतंत्र और नेता अभी इतने परिपक्व नहीं हुए हैं कि महत्वपूर्ण मुद्दों पर सही तरह से सामंजस्य बनाकर काम कर सकें. यह सही है कि सेना के काम में सदैव…

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सर्जिकल स्ट्राइक पर राजनीति

देश में किसी भी मामले पर राजनीति करने और हर मामले पर राजनीति करने के नुस्खे खोजने की जो नयी परंपरा चल पड़ी है उससे भले ही कुछ समय के लिए राजनैतिक दलों को कुछ लाभ अवश्य मिल जाये पर आने वाले समय में इस तरह की घटिया राजनीति भारत के वैश्विक समूह में किसी भी देश के साथ संबध बनाने या बिगाड़ने का काम भी कर सकती है. सर्जिकल स्ट्राइक के बाद जिस तरह से देश के अंदर और बाहर दो तरह की बातें सामने आ रही हैं उन्हें…

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