योग दिवस – आयोजन और विषमताएं

लखनऊ में विश्व योग दिवस पर आयोजित किये कार्यक्रम में मौसम विभाग का पूर्वानुमान होने के बाद भी जितनी बड़ी संख्या में बच्चों को इसके लिए लाया गया उसे किसी भी तरह से उचित नहीं कहा जा सकता है क्योंकि केवल ज़्यादा लोगों को इकठ्ठा करने और रिकॉर्ड बनाने के लिए इस तरह के कार्यक्रम किये जाने का औचित्य समझ में नहीं आता है. २१ जून का समय देश में ऐसा है कि कुछ हिस्सों में मानसून आ चुका होता है और कुछ स्थानों पर स्थानीय कारणों से मानसून पूर्व…

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चुनाव सुधार – इन्टरनेट और मतदान

चुनाव सुधारों के साथ ही बेहतर मतदान प्रतिशत में जिस तरह से हमारे देश ने पिछले ढाई दशकों में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है उसे किसी भी स्तर पर कम नहीं कहा जा सकता है फिर भी इतनी बड़ी आबादी में हर बूथ पर लगभग १५०० अधिकतम मतदाताओं से सीमित समय में मतदान करवा पाना आयोग के साथ मतदान कर्मियों के लिए भी एक बड़ी चुनौती के रूप में बचा हुआ है. देश की घनी आबादी वाले राज्यों में आज भी कुछ मतदान केंद्रों पर इतने अधिक मतदाता हैं कि…

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सबसे पहले देश

आज पूरे देश में विमुद्रीकरण के चलते जो स्थिति दिखाई दे रही है उसे सही तरह से सँभालने के लिए जो भी कदम उठाये जाने चाहिए उनके लिए सरकार कोशिश तो कर रही है पर जिस तरह से इस कदम की गंभीरता को समझे बिना ही आगे बढ़ने का काम किया गया है वह अब सरकार, रिज़र्व बैंक और जनता के लिए काम करने वाले बैंकों के लिए एक बहुत बड़ी समस्या लेकर आ गया है. देश को यह स्पष्ट चाहिए कि अब यह विमुद्रीकरण किसी भी परिस्थिति में बदला…

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