सीबीआई विवाद और न्याय

                                   आज सिर्फ अपनी साख बचाने के लिए जिस तरह से मोदी सरकार ने सीबीआई वाले मामले में अनावश्यक दखलंदाज़ी की इससे यही पता चलता है कि इस सरकार के लिए संस्थाओं की साख कोई मायने नहीं रखती है क्योंकि जब सीबीआई का झगड़ा सतह पर आकर पूरे देश के लिए चिंता का विषय बना […]

राम मंदिर और कानून

                                              किसी भी गंभीर मुद्दे पर देश के लोकतंत्र के चारों मुख्य स्तम्भों को किस तरह से कार्य करते हुए संविधान की रक्षा की तरफ कदम बढ़ाने चाहिए इस पर कोई एक राय […]

लोकतंत्र से भीड़तंत्र तक

                              पिछले कुछ वर्षों में देश के विभिन्न हिस्सों में विभिन्न कारणों से इकठ्ठा हुई भीड़ द्वारा जिस तरह से किसी को भी दोषी बताकर मौके पर ही क़ानून हाथ में लेते हुए फैसले लेने की बढ़ती हुई प्रवृत्ति दिखाई देने लगी है वह निश्चित तौर पर किसी सभ्य समाज का हिस्सा नहीं हो सकता […]