चुनाव सुधार – इन्टरनेट और मतदान

चुनाव सुधारों के साथ ही बेहतर मतदान प्रतिशत में जिस तरह से हमारे देश ने पिछले ढाई दशकों में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है उसे किसी भी स्तर पर कम नहीं कहा जा सकता है फिर भी इतनी बड़ी आबादी में हर बूथ पर लगभग १५०० अधिकतम मतदाताओं से सीमित समय में मतदान करवा पाना आयोग के साथ मतदान कर्मियों के लिए भी एक बड़ी चुनौती के रूप में बचा हुआ है. देश की घनी आबादी वाले राज्यों में आज भी कुछ मतदान केंद्रों पर इतने अधिक मतदाता हैं कि…

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चुनाव सुधार की तरफ

केंद्र सरकार की तरफ से चुनाव सुधारों पर कुछ पहल करते हुए जिस तरह से लोकसभा और राज्यों के विधान सभा चुनावों के एक साथ कराने की बात कही जा रही है उससे निश्चित तौर पर देश के धन को बचाने में मदद मिलेगी पर क्या भारत जैसे जीवंत लोकतंत्र में इस तरह की किसी गतिविधि से केंद्र में शासन कर रहा दल निरंकुश नहीं हो सकता है ? आज की परिस्थिति में चूंकि कहीं न कहीं किसी राज्य में प्रतिवर्ष चुनाव होते रहते है तो उनके कारण कुछ कदम…

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कैशलेस “भीम” और आम लोग

विमुद्रीकरण के बाद हर तरह के व्यापार और लेनदेन में नकद को लेकर आने वाली समस्या से निपटने के लिये जिस तरह से सरकार ने कदम उठाने शुरू किये वे अपने आप में देश के कैशलेश होने के इच्छुक उस बड़े हिस्से के लिए सही दिशा में कहे जा सकते हैं पर ये कदम जिस तरह से उलटी तरह से उठाये जा रहे हैं संभवतः उससे ही इनकी कार्यक्षमता पर कुप्रभाव पड़ रहा है. देश में नेट बैंकिंग और कार्ड्स के माध्यम से कैशलेश होने का क्रम बहुत पहले ही…

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