नि:शुल्क बेटी वाहिनी

तमाम होहल्ले और सरकारी तामझाम के बाद भी जो काम आम बेटियों के लिए संभव नहीं हो सकता था उसे गांव के रहने वाले एक रिटायर्ड शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ ने अपने पीएफ के १७ लाख रुपयों के बाद २ लाख रूपये खुद से डालकर आसान कर सरकार को भी एक राह दिखा दी है. […]

केंद्र और संवैधानिक पद

कर्नाटक में त्रिशंकु विधानसभा के सामने आने के बाद जिस तरह से राजनैतिक घटनाक्रम में तेज़ी से बदलाव दिखाई दिया उससे किसी को भी आश्चर्य नहीं होना चाहिए क्योंकि हमारे नेताओं की नैतिकता केवल तभी तक रहती है जब तक उनको अनैतिक कार्य करने का मौका नहीं मिलता है और इस काम में केंद्र में […]

एक साथ चुनाव

देश में इस समय लोकसभा और विधानसभा चुनावों के एक साथ कराये जाने की संभावनाओं पर गंभीर विचार शुरू भी नहीं हुआ है पर जिस तरह से इस पर बातें की जा रही हैं वे कहीं न कहीं से इस बात को रेखांकित अवश्य करती हैं कि सरकर चुनाव आयोग इस दिशा में सोच अवश्य […]