यूपी- बिजली सुधार चुनौतियाँ और संभावनाएं

  उत्तर प्रदेश में बिजली की मांग और आपूर्ति में बढ़ते फासले के बीच जिस तरह के कदम लगातार उठाये जाने चाहिए थे उनमें पिछले २५ वर्षों में निरंतर उपेक्षा किये जाने के कारण पिछले दशक में संभवतः प्रदेश की अधिकांश जनता को केवल ८ घंटे बिजली से काम चलना पड़ा था. यह प्रदेश की सरकारों और जनता के लिए बहुत ही चुनौती भरा काम था और स्थिति इतनी बिगड़ गयी थी कि राज्यपाल शास्त्री को यहाँ तक कहना पड़ा था कि यह सब पूर्व की सरकारों के पापों का…

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चुनाव सुधार में नैतिकता

देश में होने वाले चुनावों में नेताओं की भाषा और नैतिकता का स्तर जिस तरह से निरंतर रसातल की तरफ जा रहा है उसको देखते हुए अब चुनाव सुधारों में ही इस बात की आवश्यकता भी समझी जानी चाहिए कि नेताओं को दंड के भय से अनुचित बातें कहने और आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने से रोकने के बारे में भी उचित और कठोर संशोधन किये जाएँ. एक समय था जब बड़े नेताओं से लगाकर छोटे स्तर तक की राजनीति में सक्रिय लोग किसी भी परिस्थिति में नैतिकता की…

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चुनाव सुधार – लोकतंत्र के अनुकूल

देश में चुनावी परिदृश्य को किस तरह से सुधारते हुए लोकतंत्र को बचाये रखा जाये आज यह बहुत ही महत्वपूर्ण हो गया है क्योंकि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र होने के बाद भी आज हमारे देश के बहुत सारे क्षेत्रों में लोकतंत्र की आधारभूत परिकल्पना को जिस तरह से किनारे किया जा रहा है उससे कहीं न कहीं लोकतंत्र ही कमज़ोर हो रहा है और पूरे देश का लोकतान्त्रिक ढांचा केवल कुछ लोगों के हाथों में ही सिमट हुआ नज़र आता है. आज देश में संविधान की कसमें खाने वाले…

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