चुनाव आयोग और निष्पक्षता

                                              इस बार के आम चुनावों में जिस तरह से नेताओं द्वारा अपनी खीझ को ख़त्म करने के लिए चुनाव आयोग पर दबाव बनाने की रणनीति पर भी काम किया गया वह अपने आप में बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है क्योंकि आयोग के काम काज पर पूरे देश की नज़रें टिकी रहती हैं और आज के समय में आयोग के पास वह सब कुछ है जिसके दम पर वह देश में निष्पक्ष चुनाव कराने में हर बार ही सफल रहा करता है. इस बार जिस तरह से मुद्दों पर व्यक्तिगत आरोपों…

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गायब वोटर ज़िम्मेदार कौन ?

                                               मुंबई और ठाणे जैसी जगहों पर जिस तरह से मतदान करने पहुंचे लोगों के नाम मतदाता सूची से गायब पाये गए उससे यही लगता है कि मतदाता जागरूकता अभियान में किसी भी तरह से निजी क्षेत्र की भागीदारी की अनुमति भी नहीं होनी चाहिए क्योंकि इस बार मत प्रतिशत बढ़ाने के लिए चुनाव आयोग ने हर स्तर पर व्यापक तैयारियां की हैं. जिस तरह से अभी तक मिली प्राथमिक सूचनाओं में ही इन क्षेत्रों से लाखों लोगों के नाम वोटर लिस्ट से गायब पाये गए हैं उससे चुनाव आयोग…

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नेपाल को सैन्य मदद

                              लगभग ९ साल के अंतराल के बाद भारत ने एक बार फिर से नेपाल को सैन्य सहायता निलम्बित रखने के अपने फैसले पर पुनर्विचार करते हुए उसे बहाल करने की दिशा में एक क़दम बढ़ा दिया है जिसके बाद दोनों देशों के बीच एक बार फिर से सैन्य उपकरण वाहन और अन्य तरह की सहायता में सहयोग शुरू हो जायेगा. भारत ने नेपाल में २००४ में हुए एक तख्ता पलट के बाद उसकी हर तरह की सैन्य सहायता बंद कर दी थी और उसके बाद से ही भारत ने…

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