सोशल मीडिया और समाज

देश में जिस तरह से बढ़ते हुए इंटरनेट के प्रसार से आम लोगों तक सूचनाएं पहुंचनी शुरू हो चुकी हैं वहीं इस तीव्र माध्यम का दुरूपयोग कर समाज में वैमनस्यता फ़ैलाने के लिए भी किया जा रहा है. धार्मिक, सामाजिक, भाषाई और राजनैतिक आधार पर जिस तरह से देश के किसी न किसी हिस्से में बिना सोचे समझे तनाव बढ़ाने वाले लोग सक्रिय हो चुके हैं उनसे निपटने का कोई कारगर तरीका सरकार, पुलिस या प्रशासन के पास नहीं है. ऐसी किसी भी परिस्थिति में सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी आम नागरिकों…

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राष्ट्रपति चुनाव की राजनीति

अपने संख्या बल के आधार पर अपने प्रत्याशी को रायसीना हिल्स तक पहुँचाने की मज़बूत स्थिति में राजग के सामने विपक्ष की तरफ से कोई बड़ी चुनौती नहीं है क्योंकि इस चुनाव में अधिकांशतः सत्ता पक्ष अपने व्यक्ति को महत्वपूर्ण पद पर लाना चाहता है जिसे किसी भी तरह से गलत भी नहीं कहा जा सकता है क्योंकि देश के संवैधानिक मुखिया के पद पर बैठने वाले व्यक्ति और प्रधानमंत्री के बीच किसी भी तरह की अनबन या विवाद की ख़बरें सामने आती हैं तो वे दलीय लोकतंत्र और संसदीय…

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योग दिवस – आयोजन और विषमताएं

लखनऊ में विश्व योग दिवस पर आयोजित किये कार्यक्रम में मौसम विभाग का पूर्वानुमान होने के बाद भी जितनी बड़ी संख्या में बच्चों को इसके लिए लाया गया उसे किसी भी तरह से उचित नहीं कहा जा सकता है क्योंकि केवल ज़्यादा लोगों को इकठ्ठा करने और रिकॉर्ड बनाने के लिए इस तरह के कार्यक्रम किये जाने का औचित्य समझ में नहीं आता है. २१ जून का समय देश में ऐसा है कि कुछ हिस्सों में मानसून आ चुका होता है और कुछ स्थानों पर स्थानीय कारणों से मानसून पूर्व…

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