राष्ट्रपति चुनाव की राजनीति

अपने संख्या बल के आधार पर अपने प्रत्याशी को रायसीना हिल्स तक पहुँचाने की मज़बूत स्थिति में राजग के सामने विपक्ष की तरफ से कोई बड़ी चुनौती नहीं है क्योंकि इस चुनाव में अधिकांशतः सत्ता पक्ष अपने व्यक्ति को महत्वपूर्ण पद पर लाना चाहता है जिसे किसी भी तरह से गलत भी नहीं कहा जा सकता है क्योंकि देश के संवैधानिक मुखिया के पद पर बैठने वाले व्यक्ति और प्रधानमंत्री के बीच किसी भी तरह की अनबन या विवाद की ख़बरें सामने आती हैं तो वे दलीय लोकतंत्र और संसदीय…

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योग दिवस – आयोजन और विषमताएं

लखनऊ में विश्व योग दिवस पर आयोजित किये कार्यक्रम में मौसम विभाग का पूर्वानुमान होने के बाद भी जितनी बड़ी संख्या में बच्चों को इसके लिए लाया गया उसे किसी भी तरह से उचित नहीं कहा जा सकता है क्योंकि केवल ज़्यादा लोगों को इकठ्ठा करने और रिकॉर्ड बनाने के लिए इस तरह के कार्यक्रम किये जाने का औचित्य समझ में नहीं आता है. २१ जून का समय देश में ऐसा है कि कुछ हिस्सों में मानसून आ चुका होता है और कुछ स्थानों पर स्थानीय कारणों से मानसून पूर्व…

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यूपी में कानून व्यवस्था

अखिलेश सरकार को कानून व्यवस्था पर सबसे ज़्यादा घेरने वाली भाजपा की यूपी में आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद जिस तरह से इस मोर्चे पर अभूतपूर्व सुधार की अपेक्षा जनता लगाए बैठी थी अभी तक के प्रारंभिक कार्यकाल से उसमे कोई गुणात्मक सुधार दिखाई नहीं दे रहा है हालाँकि अपने राजनैतिक जीवन में केवल सांसद रहे व्यक्ति के लिए इतने बड़े प्रदेश की बागडोर संभालना उतना आसान नहीं है जिसका सरकारी मशीनरी के साथ प्रशासनिक अनुभव लगभग शून्य ही है इसलिए इतने कम समय में उसकी समीक्षा…

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