२०१९ की राजनीति का घमासान

                                       चुनावी वर्ष होने के कारण इस बार लम्बे समय बाद पूर्ण बहुमत की सरकार का नेतृत्व कर रहे पीएम मोदी के सामने सबसे गंभीर संकट यह है कि अपनी घोषित लोकप्रियता को वे किस हद तक आगामी चुनावों में भुनाने में सफल हो पाएंगे? जिस तरह से राफेल मामले को लेकर वे खुद निशाने […]

अस्पष्ट जनादेश और नैतिकता

                                                               आज़ादी के बाद काफी समय तक देश की जनता ने केवल कांग्रेस को सत्ता देने को अपनी प्राथमिकता में रखा उसके बाद एक समय ऐसा भी आया जब संविधान के अनुरूप किसी भी दल के पास स्पष्ट बहुमत का अभाव दिखाई देने लगा जिसके बाद गठबंधन और अल्पमत की सरकारों का दौर भी आया […]

सीबीआई विवाद और न्याय

                                   आज सिर्फ अपनी साख बचाने के लिए जिस तरह से मोदी सरकार ने सीबीआई वाले मामले में अनावश्यक दखलंदाज़ी की इससे यही पता चलता है कि इस सरकार के लिए संस्थाओं की साख कोई मायने नहीं रखती है क्योंकि जब सीबीआई का झगड़ा सतह पर आकर पूरे देश के लिए चिंता का विषय बना […]