यूपीआई और बैंक

नोटबन्दी और डिजिटल भुगतान प्रणाली को पूरी तरह से लागू करने के लिए केंद्र सरकार की तरफ से जिस तरह आम लोगों को डिजिटल भुगतान के विभिन्न तरीके उपलब्ध करवाए थे उनमें से सबसे महत्वपूर्ण यूपीआई साबित हो सकता है पर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की तरफ से इसके उपयोग को लेकर कोई उत्साह नहीं दिखाए जाने के चलते आज यह अपने उद्देश्य को प्राप्त करने से बहुत पीछे ही रहा जा रहा है. एनसीपीआई(राष्ट्रीय भुगतान निगम लिमिटेड) के आंकड़ों के अनुसार चालू वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में…

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कैशलेस “भीम” और आम लोग

विमुद्रीकरण के बाद हर तरह के व्यापार और लेनदेन में नकद को लेकर आने वाली समस्या से निपटने के लिये जिस तरह से सरकार ने कदम उठाने शुरू किये वे अपने आप में देश के कैशलेश होने के इच्छुक उस बड़े हिस्से के लिए सही दिशा में कहे जा सकते हैं पर ये कदम जिस तरह से उलटी तरह से उठाये जा रहे हैं संभवतः उससे ही इनकी कार्यक्षमता पर कुप्रभाव पड़ रहा है. देश में नेट बैंकिंग और कार्ड्स के माध्यम से कैशलेश होने का क्रम बहुत पहले ही…

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प्रीमियम ट्रेन और समस्या

सीमित रूप से आर्थिक रूप से सक्षम यात्रियों को राजधानी जैसी सुविधाओं से युक्त ट्रेन के संचालन के साथ बेहतर सेवाएं देने के उद्देश्य के साथ २०१३ में शुरू की गयी भारतीय रेलवे की प्रीमियम ट्रेन सेवा शुरुवाती परीक्षणों में बहुत सफल रही थी जिसके बाद केंद्र में सरकार बदलने के बाद उन नीतियों पर संभवतः पुनर्विचार किया गया कि रेलवे की आमदनी को बढ़ाने में इन प्रीमियम ट्रेनों का उपयोग किस तरह से किया जा सकता है. इस मामले में संभवतः रेल मंत्री के सामने केवल लाभ के आंकड़े…

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