नरेंद्र मोदी का युग

                                              देश ने आम चुनावों में जिस तरह से मोदी के नेतृत्व में भाजपा को पहली बार पूर्ण बहुमत के साथ अन्य दलों के लिए एक बड़ा सबक भी छोड़ा है उससे यही लगता है कि आने वाले समय में देश की राजनीति में परिवर्तन आने की संभावनाएं सामने आने लगी हैं. अभी तक जिस तरह से परंपरागत तरीके से वोट मांगने और अपनी गोटियां बिठाने का काम सभी राजनैतिक दल किया करते थे उसके बाद विकास और बदलाव के नाम पर वोट मांगना और देना काम महत्वपूर्ण नहीं रहा…

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महिलाएं और राजनीति

            सपा प्रमुख मुलायम सिंह के महिलाओं के सम्बन्ध में दिए गए एक बयान के बाद उससे उत्पन्न होने वाली समस्याएं कम होने का नाम ही नहीं ले रही हैं. यह पहले से ही सपा की घोषित नीति है कि महिलाओं को राजनीति में अधिक आरक्षण नहीं मिलना चाहिए और इसके तहत ही पार्टी संसद और विधान सभाओं में ३३ % आरक्षण के बिल का शुरू से ही विरोध करती रही है. पार्टी की नीतियां किसी के पक्ष या विपक्ष में झुकी हुई हो सकती हैं पर महिलाओं के लिए…

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“४९ ओ” की वास्तविकता

देश के संविधान ने मतदाताओं को “४९ ओ” के अंतर्गत किसी भी प्रत्याशी को न चुन कर उन्हें नकारने का अधिकार दे रखा है कल यूपी के प्रथम चरण के मतदान में जब सीतापुर जनपद की लहरपुर विधानसभा १४८ की १८ संख्या सूची के १०१६ पर पंजीकृत मतदाता के रूप में जब मैंने कल इस अधिकार का उपयोग करने का प्रयास किया तो पीठासीन अधिकारी द्वारा दिया उत्तर अप्रत्याशित था. उन्होंने मुझे सलाह दी कि क्यों चक्करों में पड़ रहे हो अपना वोट डाल दो और हमें भी अपना काम…

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