चुनाव सुधार – लोकतंत्र के अनुकूल

देश में चुनावी परिदृश्य को किस तरह से सुधारते हुए लोकतंत्र को बचाये रखा जाये आज यह बहुत ही महत्वपूर्ण हो गया है क्योंकि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र होने के बाद भी आज हमारे देश के बहुत सारे क्षेत्रों में लोकतंत्र की आधारभूत परिकल्पना को जिस तरह से किनारे किया जा रहा है उससे […]
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खादी अब विचार नहीं बाज़ार

अंग्रेजों से स्वाभिमान और अधिकारों की लड़ाई लड़ते हुए अंग्रेजों की भाषा में जिस “अधनंगे फ़क़ीर” ने देश को खादी पहनने के लिए पिछली सदी में सबसे अधिक प्रेरित किया था वह मोहन दास करमचंद गाँधी भी आज की चापलूसी भरी राजनीति में अपने को नितांत अकेला ही महसूस करते क्योंकि जिस तरह से उनके […]
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“बाइ अमेरिकन्स हायर अमेरिकन्स” की नीति

अमेरिका के निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की तरफ से रोज़ ही जिस तरह के चौंकाने वाले बयान दिए जा रहे हैं आने वाले समय में वे अमेरिका के साथ सम्पूर्ण विश्व के लिए बड़े बदलाव और संकट लाने वाले भी साबित हो सकते हैं क्योंकि अभी तक जिस बयानों और नीतियों को ट्रम्प की चुनावी […]
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