अरुणाचल का राजनैतिक भ्रम

                                     छोटे राज्य निश्चित तौर पर विकास का पैमाना मायने जा सकते है पर जिस तरह से राजनैतिक अस्थिरता के लिए भारत के छोटे राज्य निरंतर ही पुराने स्थापित राजनैतिक मानदंडों की अवहेलना करते जा रहे हैं उससे आने वाले समय में देश की राष्ट्रीय राजनीति पर पड़ने वाले असर को नकारा नहीं जा सकता है. पिछले वर्ष शुरू हुए अरुणाचल संकट के बाद जिस तरह से राजनैतिक घटनाक्रम लगातार बदल रहे हैं और कल उसकी जो परिणीति हुई है वह किसी भी तरह से सही नहीं कही जा सकती…

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जन विरोधी फ्लेक्सी किराया

अपने काम में तेज़ी लाने के उद्देश्य से संसाधनों को जुटाने के लिए हर तरह की जुगत करने में लगे हुए रेल मंत्री की तरफ से फ्लेक्सी किराये को जिस तरह ०९ सितंबर से लागू किया जा रहा है वह आने वाले समय में रेलवे के लिए नयी तरह की समस्याएं सामने लाने वाला है. अपनी कुछ जन विरोधी नीतियों के चलते रेलवे ने जिस तरह से त्योहारों पर चलायी जाने वाली विशेष गाड़ियों को सुविधा स्पेशल के नाम से चलाने और अपने घरों को लौट रहे लोगों से अधिक…

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प्रतिस्पर्धा और बीएसएनएल

एक तरफ जहाँ रिलायंस समूह अपने एक लाख पचास हज़ार करोड़ के भारी भरकम निवेश के बाद उपभोक्ताओं को देश में मोबाइल पर कॉल करने के लिए निशुल्क सुविधा देने की बात कर रहा था तो वहीं भारत संचार निगम लिमिटेड बाजार की आवश्यकताओं को न समझते हुए अपने दो श्रेणी के पोस्टपेड ग्राहकों के लिए कॉल दरें मंहगी करने में लगा हुआ था. अभी तक बीएसएनएल के ३२५ और ५२५ पोस्टपेड प्लान सिर्फ इसलिए ही लोकप्रिय थे क्योंकि वे उपभोक्ताओं को सही मूल्य पर उचित सेवा देते थे पर…

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