प्रीमियम ट्रेन और समस्या

सीमित रूप से आर्थिक रूप से सक्षम यात्रियों को राजधानी जैसी सुविधाओं से युक्त ट्रेन के संचालन के साथ बेहतर सेवाएं देने के उद्देश्य के साथ २०१३ में शुरू की गयी भारतीय रेलवे की प्रीमियम ट्रेन सेवा शुरुवाती परीक्षणों में बहुत सफल रही थी जिसके बाद केंद्र में सरकार बदलने के बाद उन नीतियों पर संभवतः पुनर्विचार किया गया कि रेलवे की आमदनी को बढ़ाने में इन प्रीमियम ट्रेनों का उपयोग किस तरह से किया जा सकता है. इस मामले में संभवतः रेल मंत्री के सामने केवल लाभ के आंकड़े…

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जन विरोधी फ्लेक्सी किराया

अपने काम में तेज़ी लाने के उद्देश्य से संसाधनों को जुटाने के लिए हर तरह की जुगत करने में लगे हुए रेल मंत्री की तरफ से फ्लेक्सी किराये को जिस तरह ०९ सितंबर से लागू किया जा रहा है वह आने वाले समय में रेलवे के लिए नयी तरह की समस्याएं सामने लाने वाला है. अपनी कुछ जन विरोधी नीतियों के चलते रेलवे ने जिस तरह से त्योहारों पर चलायी जाने वाली विशेष गाड़ियों को सुविधा स्पेशल के नाम से चलाने और अपने घरों को लौट रहे लोगों से अधिक…

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टैल्गो – सपनों की हकीकत ?

देश में अति महत्वपूर्ण मसलों पर भी हमारे विभाग और मंत्रालय किस तरह की नीतियों पर काम करते हैं यह देखने और समझने के लिए स्पेन द्वारा भेजी गयी टेल्गो ट्रेन के प्रायोगिक परिचालन पर ध्यान देना होगा. २०१४ में सरकार में आने के पहले से ही मोदी की प्राथमिकताओं में बुलेट ट्रेन और वर्तमान रेलवे नेटवर्क को सुधारने का एक बड़ा सपना भी शामिल रहा है और ऐसा भी नहीं है कि इस मुद्दे पर केवल बातें ही की गयी हों क्योंकि सुरेश प्रभु के रूप में आज देश…

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