इंसानी आबादी में वन्य जीव

लखनऊ के आवासीय क्षेत्र में जिस तरह से तीन दिनों तक एक तेंदुएं के चलते आतंक मचा रहा और उससे निपटने के लिए वन विभाग की टीम के पास कोई कारगर योजना नहीं दिखाई दी उससे यही पता चलता है कि किसी हिंसक जीव के शहरी क्षेत्र में आ जाने के बाद उसको जान से मार देने के अतिरिक्त कोई अन्य चारा नहीं है ? तेंदुआ भी संरक्षित प्रजातियों में आता है और उसकी पुलिस की गोली से मरने के बाद वन विभाग अपनी कार्यवाही करने को तत्पर तो दिखाई…

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नीरव मोदी – नीयत से नियति तक

पीएनबी की तरफ से किये गए एक खुलासे के बाद जिस तरह से २०१४ में भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रचंड लहर पर सवार होकर सत्ता में आने वाली मोदी सरकार के लिए नीरव मोदी प्रकरण ने कई बड़े प्रश्नचिन्ह लगाने का काम कर दिया है यह सही है कि मोदी के पूर्ववर्ती पीएम मनमोहन पर भी कभी व्यक्तिगत स्तर पर भ्रष्टाचार का कोई आरोप नहीं लगा था पर भाजपा जनता में यह सन्देश भेज पाने में पूरी तरह से सफल हो गयी थी कि पूरी यूपीए सरकार आकंठ भ्रष्टाचार में डूबी…

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सैनिकों का मानवाधिकार

यह अच्छा ही हुआ कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने इस बात पर विचार करने के लिए सैन्य अधिकारियों के तीन बच्चों की मांग को स्वीकार कर रक्षा मंत्रालय से जवाब माँगा है और यह भी पूछा है कि सैनिकों के मानवाधिकार को सुरक्षित रखने के बारे में सरकार और रक्षा मंत्रालय की क्या नीति है ? आज जब कश्मीर समेत देश के हर हिस्से में सुरक्षा बलों और पुलिस के साथ आम नाराज़ लोगों, माओवादियों, आतंकियों और आतंक का समर्थन करने वाले पत्थर बाज़ों से निपटने में सरकारें बिना किसी…

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