आधार – सुरक्षा और चिंताएं

२००९ में यूपीए-२ सरकार ने देश के नागरिकों की सही पहचान जानने के लिए जिस तरह से आधार के नाम से बायो मेट्रिक पहचान की वैकल्पिक व्यवस्था की परिकल्पना की थी आज समय बीतने के साथ सरकारी योजनाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार से मुक्ति पाने के लिए यह सबसे बड़े हथियार के रूप में सामने आ चुका है. प्रारम्भ में इसका उद्देश्य नागरिकों की पहचान की ऐसी केंद्रीयकृत व्यवस्था बनाना था जिसके माध्यम से देश के किसी भी कोने में गए हुए नागरिक की पहचान सरकारी अभिलेखों से सही और प्रामाणिक…

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यूपी में कानून व्यवस्था

अखिलेश सरकार को कानून व्यवस्था पर सबसे ज़्यादा घेरने वाली भाजपा की यूपी में आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद जिस तरह से इस मोर्चे पर अभूतपूर्व सुधार की अपेक्षा जनता लगाए बैठी थी अभी तक के प्रारंभिक कार्यकाल से उसमे कोई गुणात्मक सुधार दिखाई नहीं दे रहा है हालाँकि अपने राजनैतिक जीवन में केवल सांसद रहे व्यक्ति के लिए इतने बड़े प्रदेश की बागडोर संभालना उतना आसान नहीं है जिसका सरकारी मशीनरी के साथ प्रशासनिक अनुभव लगभग शून्य ही है इसलिए इतने कम समय में उसकी समीक्षा…

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नोटबंदी की तैयारियां ?

देश में नकदी के रूप में मौजूद काले धन पर प्रभावी रोक लगाने के लिए जिस तरह से रिज़र्व बैंक के स्थान पर खुद पीएम मोदी ने घोषणा कर इस मामले में राजनैतिक बढ़त लेने की कोशिश की थी उसके सकारात्मक परिणाम तो लंबे समय में ही पता चल पाएँगें पर जिस तरह से यह घोषणा हड़बड़ी में की गयी उससे यही लगता है कि या तो सरकार को इस खबर के लीक होने का आदेश हो गया था या फिर उसने इतने बड़े परिवर्तन को भी हलके में लेकर…

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