पराली और प्रदूषण

हमारे देश में महत्वपूर्ण मुद्दों की तरफ ध्यान न देना अपने आप में एक बड़ी समस्या बनता जा रहा है क्योंकि इस वर्ष मानसून के अन्तिम चरण में पहुँच जाने और उत्तर भारत के खेतों में धान की कटाई के बाद उसकी पराली को सही तरह से उपयोग करने के लिए जो भी कोशिशें पिछले वर्ष की गयी थीं उनके कोई सकारात्मक परिणाम सामने आते नहीं दिखाई दे रहे हैं. आज एक बार फिर से उत्तर भारत की हवाओं में इस पराली के खेतों में जलाये जाने के चलते प्रदूषण…

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सेना के असुरक्षित कैंप

पठानकोट के बाद उरी में हुए आतंकी फिदायीन हमले जिस तरह से सेना के सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थित कैम्प्स की सुरक्षा से जुड़े हुए गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं वहीं इस बात पर भी विचार करने के लिए मजबूर कर दिया है कि क्या हमारे सैनिक इस तरह के हालात में रह रहे हैं जहाँ पर उनके लिए अपनी सुरक्षा कर पाना भी मुश्किल हो रहा है ? यह सही है कि स्थायी छावनी और विभिन्न तरह के अस्थायी कैम्प्स में सुविधाओं में बड़ा अंतर हुआ करता है फिर…

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रिज़र्व बैंक- राजनीति और विकास का मॉडल

                                                                      नीतिगत मुद्दों पर मोदी सरकार के साथ शुरू से ही मतभेद रखने वाले रिज़र्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन ने एकबार फिर से सरकार की महत्वाकांक्षी योजना “मेक इन इंडिया” पर सीधे सवालिया निशान लगा दिया है. देश के नीति निर्धारक बैंक के प्रमुख होने के नाते राजन के पास उनके अनुभव के साथ वैश्विक मामलों में जानकारी तो है पर सरकार से इतनी असहमति अपने आप में एक बड़ी बात है क्योंकि आमतौर पर अभी तक सरकार के साथ रिज़र्व बैंक के अध्यक्ष के सुर मिले हुए ही…

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