पराली और प्रदूषण

हमारे देश में महत्वपूर्ण मुद्दों की तरफ ध्यान न देना अपने आप में एक बड़ी समस्या बनता जा रहा है क्योंकि इस वर्ष मानसून के अन्तिम चरण में पहुँच जाने और उत्तर भारत के खेतों में धान की कटाई के बाद उसकी पराली को सही तरह से उपयोग करने के लिए जो भी कोशिशें पिछले वर्ष की गयी थीं उनके कोई सकारात्मक परिणाम सामने आते नहीं दिखाई दे रहे हैं. आज एक बार फिर से उत्तर भारत की हवाओं में इस पराली के खेतों में जलाये जाने के चलते प्रदूषण…

Read More

पश्चिमी घाट – पर्यावरण और विकास

                                                               देश के सबसे घने जंगलों, सुंदरता और जैव विविधता के लिए विख्यात पश्चिमी घाट के नाम से प्रसिद्द क्षेत्रों में विकास की गतिविधियों पर जिस तरह से राजनीति की जा रही है उससे अंत में आने वाले समय में देश के पर्यावरण पर ही बुरा असर पड़ने वाला है. किसी भी देश के बेहतर विकास के लिए वहां के संसाधनों का भरपूर और उचित दोहन आवश्यक होता है पर भारत में सक्रिय वैश्विक औद्योगिक लॉबी की मंशाओं के चलते जिस तरह से उद्योगों को प्रश्रय देने वाली वर्तमान केंद्र…

Read More

बिजली में नयी संभावनाएं

       पूर्व राष्ट्रपति डॉ0 ए पी जे अब्दुल कलाम ने भविष्य की ऊर्जा ज़रूरतों को पूरा करने के लिए जिस तरह के प्रस्ताव का सुझाव दिया है अगर उस पर अमल किया जा सके तो पूरी दुनिया के ऊर्जा परिदृश्य को बदलने में बहुत बड़ी सहायता मिलने वाली है. चेन्नई के अन्ना विश्वविद्यालय में २० वें लेज़र सिम्पोसियम में बोलते हुए उन्होंने कहा कि अगर सूरज की रौशनी का एक हिस्सा भी हम सही तरह से इस्तेमाल करना सीख पाए तो ऊर्जा की इस तरह की ज़रूरतों को पूरा करने…

Read More