पश्चिमी घाट – पर्यावरण और विकास

                                                               देश के सबसे घने जंगलों, सुंदरता और जैव विविधता के लिए विख्यात पश्चिमी घाट के नाम से प्रसिद्द क्षेत्रों में विकास की गतिविधियों पर जिस तरह से राजनीति की जा रही है उससे अंत में आने वाले समय में देश के पर्यावरण पर ही बुरा असर पड़ने वाला है. किसी भी देश के बेहतर विकास के लिए वहां के संसाधनों का भरपूर और उचित दोहन आवश्यक होता है पर भारत में सक्रिय वैश्विक औद्योगिक लॉबी की मंशाओं के चलते जिस तरह से उद्योगों को प्रश्रय देने वाली वर्तमान केंद्र…

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बिजली में नयी संभावनाएं

       पूर्व राष्ट्रपति डॉ0 ए पी जे अब्दुल कलाम ने भविष्य की ऊर्जा ज़रूरतों को पूरा करने के लिए जिस तरह के प्रस्ताव का सुझाव दिया है अगर उस पर अमल किया जा सके तो पूरी दुनिया के ऊर्जा परिदृश्य को बदलने में बहुत बड़ी सहायता मिलने वाली है. चेन्नई के अन्ना विश्वविद्यालय में २० वें लेज़र सिम्पोसियम में बोलते हुए उन्होंने कहा कि अगर सूरज की रौशनी का एक हिस्सा भी हम सही तरह से इस्तेमाल करना सीख पाए तो ऊर्जा की इस तरह की ज़रूरतों को पूरा करने…

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गंगा अब कूड़ेदान ?

आस्ट्रेलिया में एक रेडियो एंकर द्वारा गंगा को कूड़ेदान और भारत को बेकार जगह कहे जाने का विवाद बढ़ता ही जा रहा है. इस मामले पर वहां पर बसे भारतीयों ने अपना कड़ा विरोध जताया है और इस पूरे मसले पर सम्बंधित एंकर से माफ़ी मांगने को भी कहा है. ऐसा न करने पर यह मसला वहां की प्रसारण नियामक संस्था के समक्ष उठाये जाने की धमकी भी दी है. सवाल यह है की आज कर आस्ट्रेलिया में ऐसा क्या हो रहा है जिससे वहा के लोग इस तरह से…

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