कश्मीरी पंडित और घाटी

कश्मीर के मुद्दे पर स्थलीय परिस्थितियों को समझे बिना ही जिस तरह से केंद्र और जम्मू कश्मीर सरकार की तरफ से अनावश्यक बयानबाज़ी होती रही उसके बाद ही पिछले वर्ष घाटी में अलगाववादियों को एक बार फिर से अपने मंसूबों को पूरा करने लायक माहौल बनाने में काफी मदद मिली थी जिसका असर पिछले वर्ष घाटी में लगातार होने वाले उग्र प्रदर्शनों में भी दिखाई दिया था. इससे पहले होने वाले अधिकांश प्रदर्शन कुछ दिनों में ही समाप्त हो जाते थे पर इस बार कश्मीरियों को अलगाववादी यह समझाने में…

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चुनाव सुधार – इन्टरनेट और मतदान

चुनाव सुधारों के साथ ही बेहतर मतदान प्रतिशत में जिस तरह से हमारे देश ने पिछले ढाई दशकों में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है उसे किसी भी स्तर पर कम नहीं कहा जा सकता है फिर भी इतनी बड़ी आबादी में हर बूथ पर लगभग १५०० अधिकतम मतदाताओं से सीमित समय में मतदान करवा पाना आयोग के साथ मतदान कर्मियों के लिए भी एक बड़ी चुनौती के रूप में बचा हुआ है. देश की घनी आबादी वाले राज्यों में आज भी कुछ मतदान केंद्रों पर इतने अधिक मतदाता हैं कि…

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चुनाव सुधार की तरफ

केंद्र सरकार की तरफ से चुनाव सुधारों पर कुछ पहल करते हुए जिस तरह से लोकसभा और राज्यों के विधान सभा चुनावों के एक साथ कराने की बात कही जा रही है उससे निश्चित तौर पर देश के धन को बचाने में मदद मिलेगी पर क्या भारत जैसे जीवंत लोकतंत्र में इस तरह की किसी गतिविधि से केंद्र में शासन कर रहा दल निरंकुश नहीं हो सकता है ? आज की परिस्थिति में चूंकि कहीं न कहीं किसी राज्य में प्रतिवर्ष चुनाव होते रहते है तो उनके कारण कुछ कदम…

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