राष्ट्रपति चुनाव की राजनीति

अपने संख्या बल के आधार पर अपने प्रत्याशी को रायसीना हिल्स तक पहुँचाने की मज़बूत स्थिति में राजग के सामने विपक्ष की तरफ से कोई बड़ी चुनौती नहीं है क्योंकि इस चुनाव में अधिकांशतः सत्ता पक्ष अपने व्यक्ति को महत्वपूर्ण पद पर लाना चाहता है जिसे किसी भी तरह से गलत भी नहीं कहा जा सकता है क्योंकि देश के संवैधानिक मुखिया के पद पर बैठने वाले व्यक्ति और प्रधानमंत्री के बीच किसी भी तरह की अनबन या विवाद की ख़बरें सामने आती हैं तो वे दलीय लोकतंत्र और संसदीय…

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राजनैतिक विद्वेष में उलझा गोवंश

रिजिल मक्कुट्टी केरल युवा कांग्रेस के नेता होने के साथ केरल में पार्टी के लिए उभरता हुआ चेहरा थे पर जिस तरह से उन्होंने केंद्र सरकार के मवेशियों की खरीद और बिक्री के लिए लाये गए अधिनियम का विरोध किया वह सभ्य समाज और कानून की नज़रों में बेहद आपत्तिजनक है. देश के कानून ने आज़ादी के बाद से ही हर नागरिक को अपने अनुसार जीवन जीने की छूट दी हुई है पर क्या इस छूट का इस तरह से दुरूपयोग किया जा सकता है? निश्चित तौर पर यहाँ पर…

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घाटी की आवश्यकता

देश की आंतरिक राजनीति में भले ही कश्मीर मुद्दा सदैव गरम रहता हो पर सत्ता में तीन वर्ष पूरे कर रहे पीएम मोदी को अब यह अच्छे से समझ आ गया है कि इस मुद्दे पर राजनीति बहुत नुकसान कर सकती है. अभी तक कश्मीर में केवल विपक्ष की भूमिका तक सीमित भाजपा अपनी बात को खुलकर कहने से परहेज़ नहीं करती थी अब सत्ता में होने पर उसे कश्मीर में कांग्रेस, नेशनल कॉनफेरेन्स और पीडीपी की राजनैतिक मजबूरियां समझ आने लगी हैं. पिछले कई वर्षों से घाटी में गर्मियों…

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