रेलवे की आधारभूत आवश्यकताएं

मुंबई के एल्फिंस्टन-परेल स्टेशन के यात्री उपरिगामी सेतु पर हुए हादसे के बाद एक बार फिर से वही बातें दोहराए जाने का क्रम शुरू हो चुका है जिसके चलते पूरे देश में हज़ारों जाने जा चुकी हैं या फिर हर समय हज़ारों यात्री इस खतरे के साथ ही जीने को मजबूर हैं. यह सही है कि भारतीय रेल का पूरा नेटवर्क आज की आवश्यकता के अनुसार क्षमता को कहीं से भी पूरा नहीं कर पाता है जिससे थोड़ी सी बात पर अफवाह फैल जाती हैं और पलक झपकते ही कोई…

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डेरों, प्रचारकों की दुर्गति के कारण

आज के भौतिक युग में जिस तरह से हर व्यक्ति अपने ही कामों में व्यस्त रहने के लिए अभ्यस्त हो चुका है तो उसके लिये शारीरिक और मानसिक तनाव पैदा करने वाले कारकों में लगातार वृद्धि होती जा रही है जिससे अपने को बचाने का उसे कोई सुरक्षित मार्ग संसार में दिखाई नहीं देता है. यह एक ऐसी परिस्थिति होती है जब व्यक्ति के पास सांसारिक रूप से बहुत कुछ तो होता है पर उसके पास मन की शांति नहीं होती है जिसे खोजने के लिए वह अपनी निष्ठा और…

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महिला सम्मान और सुरक्षा

देश में ऊंची राजनैतिक, सामाजिक, आर्थिक और प्रशासनिक पहुँच रखने वाले लोगों के बच्चों द्वारा सदैव ही सार्वजनिक रूप से कुछ न कुछ ऐसा ही किया जाता रहा है जिससे समाज के व्यवहार और पहुँच के चलते उसकी बदलती प्राथमिकताओं को आसानी से समझा जा सकता है. चंडीगढ़ की घटना को राजनैतिक चश्मे और राजनैतिक लाभ हानि से दूर करके यदि निष्पक्षता के साथ देखा जाये तो समाज के उस स्वरुप को ही उकेरती है जो हमारे देश के प्राचीन सूत्र “यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता” की खुले आम…

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