दवा मूल्य नियंत्रण और यथार्थ

देश में आवश्यक दवाओं के मूल्यों को उचित दरों पर बेचे जाने के लिए समय समय पर जारी किये जाने वाले ड्रग प्राइस कण्ट्रोल ऑर्डर्स (डीपीसीओ) के माध्यम से निश्चित तौर पर रोगियों को सस्ती दवाओं का विकल्प मिलना शुरू हो गया है पर जिस तरह से एक बार सूचीबद्ध किये जाने के बाद सरकार और मूल्य नियंत्रण प्रणाली को देखने वालों की तरफ से दोबारा इस बात पर कोई विमर्श ही नहीं किया जाता है कि निर्धारित की गयी दवाएं बाजार में अब किस मूल्य पर उपलब्ध हो रही…

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