पराली और प्रदूषण

हमारे देश में महत्वपूर्ण मुद्दों की तरफ ध्यान न देना अपने आप में एक बड़ी समस्या बनता जा रहा है क्योंकि इस वर्ष मानसून के अन्तिम चरण में पहुँच जाने और उत्तर भारत के खेतों में धान की कटाई के बाद उसकी पराली को सही तरह से उपयोग करने के लिए जो भी कोशिशें पिछले वर्ष की गयी थीं उनके कोई सकारात्मक परिणाम सामने आते नहीं दिखाई दे रहे हैं. आज एक बार फिर से उत्तर भारत की हवाओं में इस पराली के खेतों में जलाये जाने के चलते प्रदूषण…

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मानसून और भारतीय कृषि

                                             अभी तक अल नीनो प्रभाव के कारण मानसून के कमज़ोर या अलग तरीके से व्यवहार करने के अनुमानों को गलत साबित करते हुए जिस तरह से बंगाल की खाड़ी से मानसून ने अपनी सामान्य गतिविधियाँ शुरू कर दी हैं और मौसम वैज्ञानिक उसकी प्रगति पूरी तरह सही बता रहे हैं वह देश के कृषि क्षेत्र के लिए एक बड़ी उत्साहजनक खबर है. आज भी भारतीय कृषि का अधिकतर हिस्सा मानसून पर ही आधारित है तथा उसके किसी भी तरह से कमज़ोर या अलग व्यवहार करने भारतीय अर्थ व्यवस्था पर…

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गुजरात के विकास पर गुजरातियों की राय

                                        बीबीसी के कैंपस हैंग आउट कार्यक्रम में अहमदाबाद विद्यापीठ के छात्रों ने जिस तरह से गुजरात मॉडल के बारे में अपनी बेबाक राय रखी उसे यही लगता है कि आने वाली पीढ़ी के छात्र छात्राएं यह अच्छे से जानते हैं कि विकास और सर्वांगीण विकास में क्या अंतर होता है ? जिस राज्य में पुलिस में नए भर्ती होने वाले को २४०० रूपये और शिक्षक को ५३०० रूपये मिलते हों तो क्या उस राज्य को विकसित श्रेणी में रखा जा सकता है यह सवाल उन युवाओं की तरफ से…

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