राष्ट्रीय राजधानी – बिजली और प्रदूषण

हमारे देश में सरकार चलाने वाले दलों, नेताओं और अधिकारियों को पता नहीं आम लोगों से जुड़े हर सरोकार के बारे में सोचने का मौका कभी मिलता भी है या नहीं क्योंकि पिछले दो दशकों से जिस तरह से जनहित से जुड़े हर मुद्दे पर देश के विभिन्न राज्यों के उच्च न्यायालयों और सर्वोच्च न्यायालय की तरफ से लगातार स्पष्टीकरण मांग कर आवश्यक निर्देश दिए जाते रहे हैं वे निश्चित तौर पर इस समय में देश चलाने वाली सरकारों और नेताओं के ज़मीनी हकीकत की समझ को ही दर्शाते हैं.…

Read More

रेलवे की आधारभूत आवश्यकताएं

मुंबई के एल्फिंस्टन-परेल स्टेशन के यात्री उपरिगामी सेतु पर हुए हादसे के बाद एक बार फिर से वही बातें दोहराए जाने का क्रम शुरू हो चुका है जिसके चलते पूरे देश में हज़ारों जाने जा चुकी हैं या फिर हर समय हज़ारों यात्री इस खतरे के साथ ही जीने को मजबूर हैं. यह सही है कि भारतीय रेल का पूरा नेटवर्क आज की आवश्यकता के अनुसार क्षमता को कहीं से भी पूरा नहीं कर पाता है जिससे थोड़ी सी बात पर अफवाह फैल जाती हैं और पलक झपकते ही कोई…

Read More

राष्ट्रपति और राजनीति

निर्वाचित राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के जीतने पर एक बार फिर से उनके दलित्त होने को मुखर रूप से समाचारों में रेखांकित किया जा रहा है जबकि उनके जीत जाने के बाद इस तरह की बातें किये जाने की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए थी. निश्चित तौर पर अपने प्रत्याशी को जिताने लायक संख्या होने पर कोई भी सरकार या पीएम अपनी पसंद के कम समस्या पैदा करने वाले व्यक्ति को ही राष्ट्रपति पद पर देखने के आकांक्षी होते हैं और साथ ही देश के राजनैतिक पटल पर भी अपने समीकरणों को…

Read More