छवि बचाने के संकट में मोदी

२०१४ में अपने मज़बूत प्रचार और सटीक नीति के चलते गुजरात के सीम नरेंद्र मोदी ने जिस बड़े परिदृश्य का उपयोग करके देश की जनता के सामने कुछ ऐसा दिखाने में सफलता पायी थी जिसके चलते उन पर विश्वास करके देश ने उन्हें पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने के लिए स्पष्ट जनादेश दिया था. गुजरात में गुजराती अस्मिता और विकास की बातें करके जिस तरह से उन्होंने कई क्षेत्रों में बड़े बदलाव करने में सफलता पायी थी संभवतः वही उनकी राजनैतिक शक्ति भी थी पर पूर्ण बहुमत की भारत सरकार…

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५० दिन बाद के विकल्प

८ नवम्बर को की गयी नोटबंदी की घोषणा के बाद ५० दिन पूरे होने पर जिस तरह से बड़ी घोषणाओं के बारे में खुद पीएम ने कहा था पर लगता है कि अधिकांश रुपयों के वापस आ जाने के कारण अब सरकार के हाथ कुछ अधिक ही बंधे रहने वाले हैं जिससे आम लोगों को उस तरह की छूट या सुविधाएँ नहीं मिल पाएंगीं जैसा सरकार और जनता ने सोचा था. अब इस पूरी कवायद के कारण देश को होने वाले लाभ-हानि पर लंबे समय तक विचार विमर्श किया जाता…

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सड़क, संसद और संविधान

आज़ादी के बाद संविधान सभा ने जिस लगन के साथ तात्कालिक परिस्थितियों में विश्व के बड़े लोकतंत्रों के संविधान के पहलुओं पर विचार करने के बाद  जिस तरह से भारतीय संविधान में महत्वपूर्ण बातों और नियमों का समावेश किया था आज समय और नेताओं के साथ राजनैतिक दलों की सोच में बड़े बदलाव के चलते आज उनमें से कुछ नियम सदन की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलने में बाधक बनने लगे हैं पर दुर्भाग्य से आज भी सभी राजनैतिक दल इस समस्या पर विचार करने के स्थान पर केवल…

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