विफल होते शासन और कानूनी बोझ

सर्वोच्च न्यायालय के प्रधान न्यायायधीश न्यायमूर्ति टी एस ठाकुर ने एक बार फिर सरकार से इस बात का आग्रह किया है कि उसकी तरफ से ऐसे तंत्र को बनाये जाने की कोशिश की जानी चाहिए जिससे पहले से ही न्यायाधीशों की कमी से जूझ रहे न्यायालयों पर अनावश्यक काम के बोझ को कम किया जा […]

योजना से नीति तक आयोग का सफरनामा

                                                                    देश में राजनीति करने की दिशा से कोई भी सरकार पीछे नहीं रहना चाहती है अब योजना आयोग के मुद्दे पर जिस तरह से व्यवस्था परिवर्तन को भी राजनैतिक चश्मे से देखा जाने लगा है वह आज के परिदृश्य की राजनीति में सही नहीं कहा जा सकता है. आज़ादी के बाद १९५० से काम […]

योजना आयोग का विकल्प

                                            १५ अगस्त लालकिले से की गयी अपनी घोषणा के सन्दर्भ में आज पीएम योजना आयोग के विकल्प के तौर पर काम करने वाली संस्था पर विचार करने के लिए राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक करने जा रहे हैं. यह सही है कि अभी तक योजना आयोग अपने आप में राज्यों और केंद्र के […]