श्रम कानून और मोदी सरकार

                                               देश में सत्ता सँभालने के बाद जिस तरह से मोदी सरकार ने कानूनों को उद्योगपतियों के अनुकूल बनने की कोशिशों में लेबर लॉ में व्यापक संशोधन किये हैं अब उनका केंद्र और महाराष्ट्र में सरकार की सहयोगी शिवसेना के साथ भाजपा के भारतीय मज़दूर संघ भी खुलकर विरोध करने लगे हैं. पुणे में एक सभा में जिस तरह से इन संघों ने अपनी एकजुटता बनाये रखने के साथ ही सरकार पर दबाव डालने की बात कहना शुरू किया है उससे यही लगता है कि देश में विकास की रफ़्तार…

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कांग्रेस – राजनैतिक उतार चढाव

                                                            २८ दिसंबर को अपने स्थापना के १३० वर्ष पूरे करने वाली भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सामने आज जिस तरह से विश्वसनीयता का संकट है उसके चलते अब उसके पास अपने लिए खोई हुई ज़मीन तलाशने के लिए बहुत सारे विकल्प खुले हुए हैं. पूरी दुनिया में राजनीति में सक्रिय दलों के सामने इस तरह के संकट सदैव ही आते रहते हैं जब जनता का उनके सरकार चलाने के तौर तरीकों से मोह भंग होने लगता है और वह उन्हें सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा दिया करती है. २००४…

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आवश्यक विधायी कार्य और सदन

                                                         देश में लोकतंत्र के मज़बूत होने और बेहतर राजनैतिक समझ के साथ जहाँ पूरी दुनिया में हमारे लोकतंत्र को एक अलग ही स्थान दिया है उसके बाद सदन के लिए निर्वाचित होने वाले सदस्यों की ज़िम्मेदारी और भी अधिक बढ़ जाती है. पिछले कुछ वर्षों से जिस तरह से केंद्र में गठबंधन सरकारों का ही दौर चलता रहा है उस पर नज़र डालें तो सदन में काम काज करने में सत्ता पक्ष को रोकने के लिए जिस तरह से हरकतें की जाने लगी हैं उनका किसी भी तरह से…

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