डेरों, प्रचारकों की दुर्गति के कारण

आज के भौतिक युग में जिस तरह से हर व्यक्ति अपने ही कामों में व्यस्त रहने के लिए अभ्यस्त हो चुका है तो उसके लिये शारीरिक और मानसिक तनाव पैदा करने वाले कारकों में लगातार वृद्धि होती जा रही है जिससे अपने को बचाने का उसे कोई सुरक्षित मार्ग संसार में दिखाई नहीं देता है. यह एक ऐसी परिस्थिति होती है जब व्यक्ति के पास सांसारिक रूप से बहुत कुछ तो होता है पर उसके पास मन की शांति नहीं होती है जिसे खोजने के लिए वह अपनी निष्ठा और…

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बिहार, नितीश और राजनीति

तेजस्वी यादव के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले खुलने के बाद जिस तरह से बिहार के सीएम नितीश कुमार ने बहुत आगे जाकर राज्य में तीन पार्टियों के महगठबंधन को तोड़ते हुए एनडीए में शामिल होने का फैसला किया वह निश्चित रूप से बहुत लोगों को अखर रहा है पर इसमें ऐसा कुछ भी नहीं है कि जिसको नैतिकता, विचारधारा या अन्य भारी भरकम शब्दों के माध्यम से तौला जाये क्योंकि आज देश में राजनीति जिस स्तर पर पहुंची हुई है वहां विचारधारा, अंतरात्मा की आवाज़ आदि ऐसे शब्द बन चुके…

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राजनैतिक ध्रुवीकरण का औचित्य

पीएम मोदी पर हर मुद्दे पर लगातार सीधे हमले करने की विपक्षी दलों की नीति के चलते जहाँ वे अपनी स्थिति को मज़बूत करते जा रहे हैं वहीं विपक्षी दलों के सामने एक तरह से अपनी बात को जनता तक सही तरह से पहुँचाने का संकट सा उत्पन्न हो गया है. २४ घंटे चलते समाचार टीवी चैनल और उनका मोदी सरकार की तरफ बढ़ता झुकाव देश में एक ऐसी स्थिति पैदा कर रहा है जिसकी कल्पना कोई नहीं कर पा रहा है. निश्चित तौर पर पीएम मोदी में जनता से…

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