सेना और राजनैतिक समझ

देश की आज़ादी के बाद से ही जिस तरह से महत्वपूर्ण मामलों में सेना की तरफ से सीधे बयान देने के अतिरिक्त किसी अन्य मसले पर कुछ भी बोलने पर के तरह से अघोषित रूप से राजनैतिक समझ बनी हुई थी और उस पर सरकार के साथ विपक्षी दल भी सहमत ही रहा करते थे अब उस स्थिति में व्यापक बदलाव दिखाई दे रहा है जिसके चलते सेना को जहाँ विभिन्न मुद्दों पर बोलने की छूट मिली है वहीं उस पर विपक्षी दलों की तरफ से राजनैतिक हमलों में भी…

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समग्र कृषि नीति की आवश्यकता

म० प्र० और महाराष्ट्र में किसानों की तरफ से शुरू किया गया असहयोग आंदोलन मंदसौर में हिंसक होकर ५ परिवारों के लिए अँधेरे लेकर ही आया और अब इस पर सीधे आरोप प्रत्यारोपों के साथ, मीडिया और सोशल मीडिया पर सरकार समर्थक और विरोधी एक दूसरे को गलत साबित करने में लगे हुए हैं. जहाँ तक मंदसौर की बात है तो यह इलाका हर प्रकार से संपन्न और शांत ही माना जाता है और यहाँ से कभी भी किसी भी प्रकार के हिंसक आंदोलनों की लगातार होने वाली घटनाएं भी…

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यूपी में कानून व्यवस्था

अखिलेश सरकार को कानून व्यवस्था पर सबसे ज़्यादा घेरने वाली भाजपा की यूपी में आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद जिस तरह से इस मोर्चे पर अभूतपूर्व सुधार की अपेक्षा जनता लगाए बैठी थी अभी तक के प्रारंभिक कार्यकाल से उसमे कोई गुणात्मक सुधार दिखाई नहीं दे रहा है हालाँकि अपने राजनैतिक जीवन में केवल सांसद रहे व्यक्ति के लिए इतने बड़े प्रदेश की बागडोर संभालना उतना आसान नहीं है जिसका सरकारी मशीनरी के साथ प्रशासनिक अनुभव लगभग शून्य ही है इसलिए इतने कम समय में उसकी समीक्षा…

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