कश्मीर – पत्थरबाज़ी और अर्थव्यवस्था

कश्मीर घाटी में आतंकी अलगाववादियों के समूहों की तरफ से जिस तरह माहौल को लगातार बिगाड़ने का काम किया जा रहा है उसे देखते हुए वहां पर शांति अभी दूर की कौड़ी ही लगती है पर जिस तरह से राज्य सरकार में शामिल भाजपा के लिए परिस्थितियां मुश्किल होती जा रही है उससे राज्य के साथ देश की राजनीति पर भी पड़ने वाले असर को नकारा नहीं जा सकता है. अपनी चिरकालीन कश्मीर नीति से पीछे हटते हुए जिस तरह से मोदी और भाजपा ने राज्य सरकार में साझेदारी की…

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वैचारिक अभिव्यक्ति और विभेद

अभी तक के स्थापित मानकों के अनुसार जिस तरह से यह समझा और कहा जाता कि शिक्षा बढ़ने के साथ मनुष्य का सामाजिक, आर्थिक और व्यक्तिगत विकास अच्छी तरह से हो सकता है पर पिछले कुछ दशकों में जिस तरह से अशिक्षितों के साथ शिक्षितों की मानसिक स्थिति भी एक जैसी ही होती जा रही है वह सम्पूर्ण मानव जाति के लिए आने वाले समय में एक खतरा बन सकती है. विश्व के कई देशों में इस्लाम के नाम पर चल रहे चरमपंथ को जिस तरह से उच्च शिक्षित लोगों…

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सैनिकों का मानवाधिकार

यह अच्छा ही हुआ कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने इस बात पर विचार करने के लिए सैन्य अधिकारियों के तीन बच्चों की मांग को स्वीकार कर रक्षा मंत्रालय से जवाब माँगा है और यह भी पूछा है कि सैनिकों के मानवाधिकार को सुरक्षित रखने के बारे में सरकार और रक्षा मंत्रालय की क्या नीति है ? आज जब कश्मीर समेत देश के हर हिस्से में सुरक्षा बलों और पुलिस के साथ आम नाराज़ लोगों, माओवादियों, आतंकियों और आतंक का समर्थन करने वाले पत्थर बाज़ों से निपटने में सरकारें बिना किसी…

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