प्रतिद्वंदिता से संघर्ष तक

देश के हर हिस्से से कभी न कभी सत्ताधारी दल के नेताओं कार्यकर्ताओं द्वारा दूसरे दलों के कार्यकर्ताओं और नेताओं के विरोध के व्यक्तिगत या संस्थागत हमले के साथ आपसी संघर्ष में बदलने की ख़बरें आती ही रहती हैं. इस मामले में कुछ राज्यों में राजनैतिक हत्याओं का रिकॉर्ड काफी ख़राब है वहीं अधिकांश राज्यों में सत्ताधारी दल सत्ता के बलबूते विरोधियों पर दमन चक्र चलाने से पीछे नहीं रहते हैं. बंगाल से तृणमूल संसद सुदीप बंद्योपाध्याय को हिरासत में लिए जाने के बाद जिस तरह से विरोध स्वरुप पार्टी…

Read More

असुरक्षित पर्यटक और अतुल्य भारत

                                             कोलकाता और बोधगया के बीच एक जापानी महिला पर्यटक के साथ जिस तरह से एक महीने तक बंधक बनाकर दुराचार करने की घटना सामने आई है उससे भारत की छवि निश्चित तौर पर ही जापानी पर्यटकों के बीच में और भी अधिक धूमिल होने की पूरी सम्भावना है क्योंकि विदेशों में अकेले भी पर्टयन पर निकलने वाले लोगों की संख्या बहुत अधिक हुआ करती है और बौद्ध सर्किट के महत्वपूर्ण स्थान भारत में होने के कारण ही बुद्ध के अनुयायी देशों से लगातार पर्यटक यहाँ आते रहते हैं. ऐसा…

Read More

“घर वापसी”- मानसिक स्थिति या सामाजिक समस्या ?

                                                देश की संसद के ऊपरी सदन से लगाकर पीएम मोदी, सत्ता पक्ष, विपक्ष, राज्य सरकारें और प्रशासन के सामने आज कल घर वापसी को लेकर जिस तरह से रोज़ ही समस्याएं आ रही हैं उससे यही लगता है कि इस तरह के कार्यक्रमों के साथ देश भर में एक मुहिम चलकर संघ अपनी बातों को आम हिन्दू जनमानस तक पहुँचाने में लगा हुआ है. यह सही है कि जिन भी लोगों का किसी भी काल में दबाव या लालच के चलते धर्म परिवर्तन किया गया वह मानवता के खिलाफ…

Read More