चुनाव सुधार – लोकतंत्र के अनुकूल

देश में चुनावी परिदृश्य को किस तरह से सुधारते हुए लोकतंत्र को बचाये रखा जाये आज यह बहुत ही महत्वपूर्ण हो गया है क्योंकि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र होने के बाद भी आज हमारे देश के बहुत सारे क्षेत्रों में लोकतंत्र की आधारभूत परिकल्पना को जिस तरह से किनारे किया जा रहा है उससे […]
Continue reading…

 

कश्मीरी पंडित और घाटी

कश्मीर के मुद्दे पर स्थलीय परिस्थितियों को समझे बिना ही जिस तरह से केंद्र और जम्मू कश्मीर सरकार की तरफ से अनावश्यक बयानबाज़ी होती रही उसके बाद ही पिछले वर्ष घाटी में अलगाववादियों को एक बार फिर से अपने मंसूबों को पूरा करने लायक माहौल बनाने में काफी मदद मिली थी जिसका असर पिछले वर्ष […]
Continue reading…

 

चुनाव सुधार – इन्टरनेट और मतदान

चुनाव सुधारों के साथ ही बेहतर मतदान प्रतिशत में जिस तरह से हमारे देश ने पिछले ढाई दशकों में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है उसे किसी भी स्तर पर कम नहीं कहा जा सकता है फिर भी इतनी बड़ी आबादी में हर बूथ पर लगभग १५०० अधिकतम मतदाताओं से सीमित समय में मतदान करवा पाना […]
Continue reading…