लोकतंत्र, चुनाव और शालीनता

                                                 ऐसा नहीं है कि २०१९ में देश में पहली बार कोई आम चुनाव हो रहे हैं पर वर्तमान में चल रहे चुनावों में जिस तरह से हर दल के शीर्ष नेता द्वारा मर्यादाओं का उल्लंघन किया जा रहा है वह भले ही उस सम्बंधित दल को कुछ वोट दिलवाने में मदद कर दे पर […]

अस्पष्ट जनादेश और नैतिकता

                                                               आज़ादी के बाद काफी समय तक देश की जनता ने केवल कांग्रेस को सत्ता देने को अपनी प्राथमिकता में रखा उसके बाद एक समय ऐसा भी आया जब संविधान के अनुरूप किसी भी दल के पास स्पष्ट बहुमत का अभाव दिखाई देने लगा जिसके बाद गठबंधन और अल्पमत की सरकारों का दौर भी आया […]

सीबीआई विवाद और न्याय

                                   आज सिर्फ अपनी साख बचाने के लिए जिस तरह से मोदी सरकार ने सीबीआई वाले मामले में अनावश्यक दखलंदाज़ी की इससे यही पता चलता है कि इस सरकार के लिए संस्थाओं की साख कोई मायने नहीं रखती है क्योंकि जब सीबीआई का झगड़ा सतह पर आकर पूरे देश के लिए चिंता का विषय बना […]