छवि बचाने के संकट में मोदी

२०१४ में अपने मज़बूत प्रचार और सटीक नीति के चलते गुजरात के सीम नरेंद्र मोदी ने जिस बड़े परिदृश्य का उपयोग करके देश की जनता के सामने कुछ ऐसा दिखाने में सफलता पायी थी जिसके चलते उन पर विश्वास करके देश ने उन्हें पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने के लिए स्पष्ट जनादेश दिया था. गुजरात में गुजराती अस्मिता और विकास की बातें करके जिस तरह से उन्होंने कई क्षेत्रों में बड़े बदलाव करने में सफलता पायी थी संभवतः वही उनकी राजनैतिक शक्ति भी थी पर पूर्ण बहुमत की भारत सरकार…

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रेलवे संरक्षा की मूलभूत आवश्यकता

पिछले कुछ वर्षों में जिस तरह से देश में होने वाली विभिन्न रेल दुर्घटनाओं की जड़ में उपयुक्त रखरखाव का अभाव सामने आ रहा है उससे यही लगता है कि देश में सरकार, रेल मंत्रालय और रेलवे बोर्ड में कहीं न कहीं से सामंजस्य की व्यापक कमी हो गयी है. जिस देश में अब बड़े शहरों में मेट्रो परिचालन के बाद उसे अन्य शहरों तक बढ़ाये जाने की कोशिशें की जा रही हैं और उच्च तकनीक के मानदंड स्थापित करने वाली बुलेट ट्रेन की परिकल्पना पर काम शुरू किया जा…

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डेरों, प्रचारकों की दुर्गति के कारण

आज के भौतिक युग में जिस तरह से हर व्यक्ति अपने ही कामों में व्यस्त रहने के लिए अभ्यस्त हो चुका है तो उसके लिये शारीरिक और मानसिक तनाव पैदा करने वाले कारकों में लगातार वृद्धि होती जा रही है जिससे अपने को बचाने का उसे कोई सुरक्षित मार्ग संसार में दिखाई नहीं देता है. यह एक ऐसी परिस्थिति होती है जब व्यक्ति के पास सांसारिक रूप से बहुत कुछ तो होता है पर उसके पास मन की शांति नहीं होती है जिसे खोजने के लिए वह अपनी निष्ठा और…

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