चुनाव आए

फिर से आये धूल फांकने नेता अपनेफिर से सेवक बने कभी जो थे बेगाने नत–मस्तक हो जाये अभी ये प्यारे नेताजन सेवक बन हैं छिपते ये न्यारे नेताछिपते ये न्यारे नेता सड़क पर खाक छानते इक दूजे पे थोक भाव में कीचड़ फेंकें कांव कांव और टर्र टर्र अब खूब मचाएँहै चुनाव का समय आज […]

चुनावी चक चक

फिर से घोषित हो गए देखें चुनाव की धारशोषक शोषित हो गए सुन चुनाव की मारआज झुके हैं नेता गण जनता का दरबारचिल्लाकर अब फिर करें अपना खूब प्रचारअपना खूब प्रचार मचाये हल्ला गुल्लासर पे आज उठाये देखो आज मोहल्ला।है डंडा आयोग का छिप कर शोर मचाओऔर विरोधी के सर पर नाचो और नचाओ

सुखराम या रामसुख

कल तक गद्दे में थे नोट आज लगी है दिल पे चोटनेता उसको कहते हैं जोबेशर्मी से मांगे वोट।दुःख में नींद नहीं आएगी जेल में सांसे फूल जाएँगीराम राम अब जप कर काटेंसुख को जाना होगा भूल…