सावन में पानी ?

क्यों नहीं आख़िरक्यों नहीं ?सावन में क्यों नहीं बरसता ?पानी !!!! जीवन में सूखे ठूंठों पर, मुरझाई हुई आशाओं पर. पथराती हुई आँखों से,झूठी मुस्कुराहटों तक…  कहीं कुछ तो ज़रूर है,  तभी तो नहीं बरसता सावन में पानी ? अपनों के रिश्तों से, परायों के बंधन तक. सूखती हुई दोस्ती परहरियाती हुई दुश्मनी में कहीं […]

घर जब आती मेरी बिटिया !!

ख़्वाब अधूरे पूरे होते, मन में गीत नए फिर आते !दिल में क़सक कहीं फिर उठती, घर जब आती मेरी बिटिया  !! !! नन्हें क़दमों से फिर चलकर, छोटी झाड़ू हाथ में लेकर !दो चोटी कर पायल पहने, घर जब आती मेरी बिटिया  !!   !! दुखती माँ की पीठ हमेशा, छोटे हाथों खूब दबाकर […]

साथ तुम्हारा अच्छा है..

जीवन की सांसे तुमसे हैं,जीने की राहें तुमसे हैं.हाथ तुम्हारा साथ हमारे,साथ तुम्हारा अच्छा है …. दुर्बल होती श्रम शक्ति में, मीरा की पवन भक्ति  में .सब कुछ खींचता पास हमारे, साथ तुम्हारा अच्छा है… मन की गांठें खुल जाने में,नयी ग्रंथि फिर पड़ जाने में. जीवन मुक्त अभी होने में,साथ तुम्हारा अच्छा है… गर्मी […]