रूद्र

हे ! रूद्र रूप हे ! महारुद्र, ये रौद्र रूप तुम मत धारो … तुम विष को धारण करते हो, अपने जन को मत संहारो …. तुम भोले हो तुम अविनाशी, हो शांत नहीं अब नाश करो …. तुम ज्ञानी हो सर्वज्ञ तुम्हीं, हम अज्ञानी मत क्रोध करो …. बद्री विशाल ! तुम हो विशाल, […]

एहसास

एहसास हुआ जैसे वो अपना सा कोई है,दूर जाते हुए जब उसने पलट कर देखा !! कोई सबमें भी है फिर भी है तनहा इतना, चाँद के राज़ को जब पास से जाकर देखा !! झील सी गहरी हैं  फिर भी हैं कितनी भोली,  उनकी आँखों में जब आँखें मिलाकर देखा !! चुप रहती हैं […]

साल कोई फिर ऐसा आये…

उगता सूरज, खिलती धरती, नीला अम्बर फिर मुस्काए !जीवन बने सरल हम सबका,  साल कोई फिर ऐसा आये !! हार जाएँ अब ये आतंकी, अमन चैन जब पंख पसारे !हों राहें खुशहाल हमारी,  साल कोई फिर ऐसा आये !! धरती उगले फिर से सोना, फसल खेत में फिर लहराए !भूखे पेट कोई न सोये,  साल […]