यूपीआई और बैंक

नोटबन्दी और डिजिटल भुगतान प्रणाली को पूरी तरह से लागू करने के लिए केंद्र सरकार की तरफ से जिस तरह आम लोगों को डिजिटल भुगतान के विभिन्न तरीके उपलब्ध करवाए थे उनमें से सबसे महत्वपूर्ण यूपीआई साबित हो सकता है पर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की तरफ से इसके उपयोग को लेकर कोई उत्साह नहीं दिखाए जाने के चलते आज यह अपने उद्देश्य को प्राप्त करने से बहुत पीछे ही रहा जा रहा है. एनसीपीआई(राष्ट्रीय भुगतान निगम लिमिटेड) के आंकड़ों के अनुसार चालू वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में…

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आधार – सुरक्षा और चिंताएं

२००९ में यूपीए-२ सरकार ने देश के नागरिकों की सही पहचान जानने के लिए जिस तरह से आधार के नाम से बायो मेट्रिक पहचान की वैकल्पिक व्यवस्था की परिकल्पना की थी आज समय बीतने के साथ सरकारी योजनाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार से मुक्ति पाने के लिए यह सबसे बड़े हथियार के रूप में सामने आ चुका है. प्रारम्भ में इसका उद्देश्य नागरिकों की पहचान की ऐसी केंद्रीयकृत व्यवस्था बनाना था जिसके माध्यम से देश के किसी भी कोने में गए हुए नागरिक की पहचान सरकारी अभिलेखों से सही और प्रामाणिक…

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समग्र कृषि नीति की आवश्यकता

म० प्र० और महाराष्ट्र में किसानों की तरफ से शुरू किया गया असहयोग आंदोलन मंदसौर में हिंसक होकर ५ परिवारों के लिए अँधेरे लेकर ही आया और अब इस पर सीधे आरोप प्रत्यारोपों के साथ, मीडिया और सोशल मीडिया पर सरकार समर्थक और विरोधी एक दूसरे को गलत साबित करने में लगे हुए हैं. जहाँ तक मंदसौर की बात है तो यह इलाका हर प्रकार से संपन्न और शांत ही माना जाता है और यहाँ से कभी भी किसी भी प्रकार के हिंसक आंदोलनों की लगातार होने वाली घटनाएं भी…

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