विचारधाराओं की लड़ाई

देश में भाजपा के खिलाफ जिस तरह से सभी दल एकजुट होने की बातें कर रहे हैं वे अल्पावधि में भले ही कुछ लाभ दे जाएँ पर आने वाले समय में धरातल पर विचारधाराओं की लड़ाई में इन दलों को दीवालिया करने और चुनावी हार तक ले जाने वाले ही साबित होने वाले हैं। विरोध करने के लिए विरोध नहीं होना चाहिए क्योंकि देश ने पहले भी केवल सत्ता पाने के लिए किये जाने वाले बेमेल गठजोड़ों को १९७७ और १९८९ में देखा है। बेशक वह पीढ़ी आज अपनी राय…

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