>भ्रष्टाचार….. सरकार को चुनौती ?

>उत्तर प्रदेश के गाज़ियाबाद जिले में जिस तरह से आंबेडकर ग्राम की सड़कों के निर्माण में धांधली खुलकर सामने आई है उसके बाद यह तो तय हो ही गया है की अब भ्रष्टाचारियों में माया सरकार का कोई डर नहीं रह गया है. सभी को याद होगा कि अपने पिछले अल्पमत के कार्यकालों में माया ने जिस तरह से सरकारी तंत्र की तंत्रिकाओं को झकझोर दिया था उससे जनता को लगा था कि शायद पूर्ण बहुमत में आने पर प्रदेश में नौकर शाही पर कुछ लगाम तो लग ही जाएगी पर आज जो हालात दिखाई दे रहे हैं वे पिछली सरकारों से भी बुरी स्थिति को दिखाते हैं. जब सरकार की उच्च प्राथमिकता में शामिल आंबेडकर ग्राम ही भ्रष्टाचार से नहीं बच पा रहे हैं तो पूरे प्रदेश में और क्या हाल होगा किसी से छिपा नहीं है ? अब कुछ सतर्क ग्रामीणों की शिकायत पर जब मामला सामने आ ही गया है तो कुछ लोगों को निलंबित कर उनकी ज़िम्मेदारी समझाई जा रही है.
             प्रदेश में विकास की सोच कहाँ तक है इस बात का अंदाज़ा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि सरकार केवल लखनऊ में ही विकास की बातें कर रही है जबकि पूरे प्रदेश को विकास की आवश्यकता है. अभी वर्तमान में कुम्भ मेला चल रहा है पर सरकार ने उत्तरांचल जाने वाली सड़कों की जो हालत बना रखी है वह पूरे देश के माथे पर कलंक से कम नहीं है. इस अवसर पर पूरे प्रदेश से श्रद्धालु हरिद्वार जाते हैं पर मुरादाबाद से हरिद्वार जाने का प्रयास करके तो देखिये ? विकास की झूठी कहानी और मक्कारी की एक और कहानी सामने आ जाएगी. उत्तरांचल में आने वाली सड़कें तो बहुत अच्छी हैं और वे विकास करते उत्तर प्रदेश के खोखले दावे की पोल खोलते रहते हैं ?  क्योंकि जब हम उत्तर प्रदेश से उत्तरांचल में प्रवेश करते हैं चौड़ी और साफ सुथरी सड़कें हमारा स्वागत करती हैं. आखिर वहां पर यह सब कैसे हो रहा है जो हमारे यहाँ नहीं हो पा रहा है ? प्रदेश में वसूली का जो आलम है उसने तो विकास के मायने ही बदल दिए हैं ?
                 कोई भी नहीं पूछ रहा कि जो माननीय अभी तक केवल आम आदमी थे मात्र ३०००० के वेतन से एकदम से कैसे बड़ी बड़ी गाड़ियों में घूमने लगते हैं ? एक अदने से बाबू के पास भी आलीशान बंगला कहाँ से आता है ? सरकारी अधिकारियों के पास इतनी संपत्ति कहाँ से आ रही है ? सब खा और खिला रहे हैं सबका पेट भर रहा है पर वोट देकर सर्व समाज का सपना देखने वाला वोटर एक बार फिर से ठगा सा महसूस कर रहा है क्योंकि उसकी स्थिति में कोई परिवर्तन नहीं होता है केवल चंद लोग ही उसके हिस्से की रोटी लूट कर मलाई मारने में एक बार फिर से लग गए हैं. ……. 

मेरी हर धड़कन भारत के लिए है…

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0 Thoughts to “>भ्रष्टाचार….. सरकार को चुनौती ?”

  1. >भ्रष्टाचार kahan raha, yah to shishtachar ban gaya hai… Saare jahan mein chhaya hai…..Bahut badi chunauti ban gayee hai yah… lekin kahate hain ki ghure ke bhi din phirte hai.. iske bhi phri jayen… Bahut badhai